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शुक्र ग्रह क्या रोग देता है!

शुक्र ग्रहः शरीर मे किस तरह के रोग देता है

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शरीर की पुष्टता व स्वस्थता भी ग्रहों के प्रभाव से होती है तो शरीर को रोगी भी ग्रह ही बनाते है पर अलग अलग ग्रहों की अलग अलग रोग देने में अपनी भूमिका होती है।जो ग्रह शरीर के जिस अंग का कारक है वो ग्रह ही विपरीत स्थिति में शरीर को उस अंग या उस भाग पर रोग का प्रहार करवाता है।

जहां तक शुक्र का सवाल है यह शरीर मे गले,ठोड़ी व नसों पर विशेष प्रभाव डालता है।

गले के रोग फिर वो बार बार सर्दी जुकाम से गले का संक्रमण ही क्यों न हो उसमे शुक्र की भूमिका होती है फिर वो थाइरोइड भी शुक्र के दूषित होने का कारण होती है।आवाज में खराबी भी इसी वजह से होती है तथा नसों की समस्या में भी शुक्र का हाथ होता है वैसे यह बुध के अधिकार क्षेत्र में भी आता है।इसकी वजह से नसों में खिंचाव की समस्या भी होती है।इसके अलावा त्वचा के रोग भी शुक्र दे देता है। महिलाओं के स्त्री सम्बंधित योन रोग का कारक भी शुक्र होता है।

शुक्र ग्रह शुक्र अर्थात वीर्य का कारक भी है इसलिए दाम्पत्य जीवन को भी सीधे तौर पर प्रभावित करता है।जिनका शुक्र दूषित है वे किसी भी रूप में अगर हीरे को धारण करते है तो विपरीत प्रभाव उनको भुगतने ही पड़ते है।दक्षिण पूर्व दिशा का यह कारक ग्रह है-इसकी शांति के लिए सफेद वस्तुओं का दान व माता लक्ष्मी की आराधना विशेष शुभ कही जाती है।

अगर शुक्र अर्थात वीर्य सम्बंधित समस्या हो तो समझ लीजिए कि कुंडली मे शुक्र बहुत शुभ नही होगा--ठीक इसी प्रकार त्वचा,नसों की समस्या हो तब भी कुंडली मे शुक्र को जांचना चाहिए।गले ठुडी की कोई समस्या हो तब भी उस वक्त शुक्र की स्थिति अच्छी नही की जा सकती।

आलेख- संजय सनम( ज्योतिष परामर्शक)


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