पिछली पोस्ट में किस्मत कैसे कैसे गुल खिलाती है उसको संक्षेप में इंगित किया था?
अब सवाल है यह कि यह *किस्मत* आखिर होती क्या है? और अलग अलग के लिए अलग अलग परिणाम क्यों बताती...?
*किस्मत* जैसे आमतौर पर आपकी तकदीर भी कहा जाता है और उसे अलग अलग विधाओं से पढ़ा और समझा जाता है---कभी जन्मांग चक्र के ठिकानों में---कभी हाथ की लकीरों में तो कभी मस्तक की रेखाओं में तो कभी पैरो के तलवों में बिखरी लकीरो में इसे समझा और कहां जाता है।
किस्मत बांचने की भारतीय और पाश्चात्य संस्कृति में अनेकों विधायें और उनके अपने परिणाम है--पर हम जिस मोड़ पर रुके थे वहां सवाल यह था कि किस्मत आखिर है क्या?
जन्मांग चक्र के ठिकाने सब के लिए अलग अलग क्यों होते है?एक व्यक्ति का जन्मांग दूसरे से पूर्ण रूप से क्यों नहीं मिलता? एक ही समय में कुछ चंद सेकंड का हेर फेर समूची जिंदगी को कैसे बदल देता है? हर व्यक्ति की जन्म कुंडली यूनिक होती है क्योंकि वैसी किसी और की नहीं हो सकती ---क्या खूब चमत्कार है कुदरत का---अर्थात तब तकदीर भी एक नहीं हो सकती-----इसलिए मिलते है एक ही घटना के अलग अलग परिणाम।
कोई घटना किसी के लिए दुखद तो दूसरे के लिए हो जाती है सुखद---किसी को अनपेक्षित लग जाती है लॉटरी तो किसी की डुब जाती है नैया-----इसे ही कहते है *किस्मत कनेक्शन*।
अब इस कनेक्शन का अर्थ क्या है?किस्मत के साथ किसका कनेक्शन ----यह सवाल लाख टके का है क्योंकि यही कनेक्शन सारे परिणामो पर पकड़ रखता है।
यह कनेक्शन है हमारे कर्मो का जो हम अपने जीवन में अच्छे और बुरे करते है और उन कर्मो की तलपट से हमारी किस्मत की फाइल बनती है और उस फाइल के डाटा के अनुसार हमे अच्छे और बुरे परिणाम मिलते है।
इसलिए तक़दीर अगर देखा जाए तो वो हमारे कर्मो की परिष्कृत फाइल है और वो परिणाम है हमारे अच्छे और बुरे कर्मों का---सुखद-दुखद संयोगों का- ----जिसे हम किस्मत भी कहते है।
कुदरत का सिद्धांत कर्मफल का सिद्धांत है और उसी के अनुरूप तकदीर की फाइल बनती है और वो परिणाम सेटिंग करती है---इसलिए अच्छे कर्मों वाले व्यक्ति की तकदीर गोल्डन होती है और वो सुखद,समृद्ध जीवन को जीता है और जिनके कर्म अच्छे किये नहीं होते वे दुखःद संयोगों को अधिक पाते है।
किस्मत अर्थात हमारे पूर्व जीवन के कर्मा और उनका भोगफल जीवन को कभी जन्नत तो कभी जहन्नुम सा अहसास देता है।
अगली पोस्ट के बारे में संक्षिप्त जानकारी कर्म पर दी जायेगी।
आभार आप सबका
संजय सनम
संपादक फर्स्ट न्यूज़
ज्योतिष परामर्शक।
संर्पक सूत्र--7278027381
अब सवाल है यह कि यह *किस्मत* आखिर होती क्या है? और अलग अलग के लिए अलग अलग परिणाम क्यों बताती...?
*किस्मत* जैसे आमतौर पर आपकी तकदीर भी कहा जाता है और उसे अलग अलग विधाओं से पढ़ा और समझा जाता है---कभी जन्मांग चक्र के ठिकानों में---कभी हाथ की लकीरों में तो कभी मस्तक की रेखाओं में तो कभी पैरो के तलवों में बिखरी लकीरो में इसे समझा और कहां जाता है।
किस्मत बांचने की भारतीय और पाश्चात्य संस्कृति में अनेकों विधायें और उनके अपने परिणाम है--पर हम जिस मोड़ पर रुके थे वहां सवाल यह था कि किस्मत आखिर है क्या?
जन्मांग चक्र के ठिकाने सब के लिए अलग अलग क्यों होते है?एक व्यक्ति का जन्मांग दूसरे से पूर्ण रूप से क्यों नहीं मिलता? एक ही समय में कुछ चंद सेकंड का हेर फेर समूची जिंदगी को कैसे बदल देता है? हर व्यक्ति की जन्म कुंडली यूनिक होती है क्योंकि वैसी किसी और की नहीं हो सकती ---क्या खूब चमत्कार है कुदरत का---अर्थात तब तकदीर भी एक नहीं हो सकती-----इसलिए मिलते है एक ही घटना के अलग अलग परिणाम।
कोई घटना किसी के लिए दुखद तो दूसरे के लिए हो जाती है सुखद---किसी को अनपेक्षित लग जाती है लॉटरी तो किसी की डुब जाती है नैया-----इसे ही कहते है *किस्मत कनेक्शन*।
अब इस कनेक्शन का अर्थ क्या है?किस्मत के साथ किसका कनेक्शन ----यह सवाल लाख टके का है क्योंकि यही कनेक्शन सारे परिणामो पर पकड़ रखता है।
यह कनेक्शन है हमारे कर्मो का जो हम अपने जीवन में अच्छे और बुरे करते है और उन कर्मो की तलपट से हमारी किस्मत की फाइल बनती है और उस फाइल के डाटा के अनुसार हमे अच्छे और बुरे परिणाम मिलते है।
इसलिए तक़दीर अगर देखा जाए तो वो हमारे कर्मो की परिष्कृत फाइल है और वो परिणाम है हमारे अच्छे और बुरे कर्मों का---सुखद-दुखद संयोगों का- ----जिसे हम किस्मत भी कहते है।
कुदरत का सिद्धांत कर्मफल का सिद्धांत है और उसी के अनुरूप तकदीर की फाइल बनती है और वो परिणाम सेटिंग करती है---इसलिए अच्छे कर्मों वाले व्यक्ति की तकदीर गोल्डन होती है और वो सुखद,समृद्ध जीवन को जीता है और जिनके कर्म अच्छे किये नहीं होते वे दुखःद संयोगों को अधिक पाते है।
किस्मत अर्थात हमारे पूर्व जीवन के कर्मा और उनका भोगफल जीवन को कभी जन्नत तो कभी जहन्नुम सा अहसास देता है।
अगली पोस्ट के बारे में संक्षिप्त जानकारी कर्म पर दी जायेगी।
आभार आप सबका
संजय सनम
संपादक फर्स्ट न्यूज़
ज्योतिष परामर्शक।
संर्पक सूत्र--7278027381
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें