पूर्व जन्म का प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर जबरदस्त रहता है-पास्ट लाइफ थेरपी के अनुभव यह बताते है कि व्यक्ति के मानस में न सिर्फ प्यार और मधुरता के अहसास उस जीवन से जुड़े रहते है बल्कि उस जीवन की दुर्घटना या मौत के समय हुए हादसे के दर्द भी इस जीवन में सफर करते है और उन तारो के जुड़ाव के कारण व्यक्ति इस जन्म में उस जन्म की उस घटना के दर्द को भोगता है।
इस थेरपी के अनुभव यह भी कहते है कि जब व्यक्ति को पास्ट लाइफ की उन स्मृतियों की तरफ ले जाया जाता है तब व्यक्ति उन घटनाओं को जिस तरह से वर्णित करता है उसे सुन कर सामने वाला भी चकित हो जाता है ।
इस थेरपी में तब उस व्यक्ति को पूर्व जन्म की उन दुखद घटनाओं को वही पर छोड़ कर आने का निर्देश दिया जाता है अर्थात उस दर्द को व्यक्ति जन्मों जन्मों तक ढो कर अपने वर्तमान जीवन को दर्दीला कर रहा होता है उससे उसके अन्य जीवन को मुक्ति दिला दी जाती है।
कई बार लोगो के शरीर के कुछ विशेष अंगों में दर्द पिछले जन्मों की चोट,दुर्घटना की वजह से होता है इस जन्म में उस चोट दर्द का कोई कारण नहीं होता पर व्यक्ति को यह भोगना पड़ता है।
पूर्व जन्म सिर्फ शारीरिक चोट को ही नहीं बल्कि भावनात्मक रिश्तो की जमीन पर भी बहुत असरदार प्रभाव वर्तमान के जीवन पर रखता है-हमारे इस जन्म के प्रेम से भरे व् नफरत से सने रिश्तो की असली जड़ पूर्व जन्मों के संस्कारों की होती है।
इस जन्म में हम अक्सर यह महसूस करते है कि कोई अंजान व्यक्ति हमारे दिल को अचानक एक नजर से भा जाता है जबकि उसने हमारे लिए इस जन्म में कुछ नहीं किया होता।और कभी कभी ठीक इसके विपरीत ऐसा भी होता है कि जिस व्यक्ति से हम पहले कभी मिले भी नहीं वो व्यक्ति हमे एक पल भी पास नहीं सुहाता जबकि उस व्यक्ति से हमारा कोई परिचय नहीं और उसने हमारा कुछ भी खराब नहीं किया फिर भी एक झटके से मन में यह सन्देश आ जाता है---क्यों?
क्योकि पूर्व के किसी जन्म में उस व्यक्ति से हमे चोट मिली होती है और वे संस्कार इस जन्म में उसके दिखते ही एकदम से उसे नकार देने लगते है।
कुल मिलाकर यह सच है कि हमारे वर्तमान के जीवन में न जाने कितने पूर्व जीवन के अनुभवों व् कर्मो की छाप है--चूँकि पूर्व जन्मों की स्मृतियां याद नहीं रहती इसलिए इनको सीधी नजरों से नहीं पकड़ा जा सकता मगर पास्ट लाइफ थेरपी से न सिर्फ देखा या समझा जा सकता है बल्कि एक कुशल थेरपिस्ट के मार्ग दर्शन से पूर्व जन्मों के दर्द,चोट,विकार के उन थेलो को दूर फेंका भी जा सकता है और इस और इसके बाद आने वाले जीवन को उन दर्दीली स्मृतियों से हमेशा के लिए निजात दिलाई जा सकती है।
संजय सनम
इस थेरपी के अनुभव यह भी कहते है कि जब व्यक्ति को पास्ट लाइफ की उन स्मृतियों की तरफ ले जाया जाता है तब व्यक्ति उन घटनाओं को जिस तरह से वर्णित करता है उसे सुन कर सामने वाला भी चकित हो जाता है ।
इस थेरपी में तब उस व्यक्ति को पूर्व जन्म की उन दुखद घटनाओं को वही पर छोड़ कर आने का निर्देश दिया जाता है अर्थात उस दर्द को व्यक्ति जन्मों जन्मों तक ढो कर अपने वर्तमान जीवन को दर्दीला कर रहा होता है उससे उसके अन्य जीवन को मुक्ति दिला दी जाती है।
कई बार लोगो के शरीर के कुछ विशेष अंगों में दर्द पिछले जन्मों की चोट,दुर्घटना की वजह से होता है इस जन्म में उस चोट दर्द का कोई कारण नहीं होता पर व्यक्ति को यह भोगना पड़ता है।
पूर्व जन्म सिर्फ शारीरिक चोट को ही नहीं बल्कि भावनात्मक रिश्तो की जमीन पर भी बहुत असरदार प्रभाव वर्तमान के जीवन पर रखता है-हमारे इस जन्म के प्रेम से भरे व् नफरत से सने रिश्तो की असली जड़ पूर्व जन्मों के संस्कारों की होती है।
इस जन्म में हम अक्सर यह महसूस करते है कि कोई अंजान व्यक्ति हमारे दिल को अचानक एक नजर से भा जाता है जबकि उसने हमारे लिए इस जन्म में कुछ नहीं किया होता।और कभी कभी ठीक इसके विपरीत ऐसा भी होता है कि जिस व्यक्ति से हम पहले कभी मिले भी नहीं वो व्यक्ति हमे एक पल भी पास नहीं सुहाता जबकि उस व्यक्ति से हमारा कोई परिचय नहीं और उसने हमारा कुछ भी खराब नहीं किया फिर भी एक झटके से मन में यह सन्देश आ जाता है---क्यों?
क्योकि पूर्व के किसी जन्म में उस व्यक्ति से हमे चोट मिली होती है और वे संस्कार इस जन्म में उसके दिखते ही एकदम से उसे नकार देने लगते है।
कुल मिलाकर यह सच है कि हमारे वर्तमान के जीवन में न जाने कितने पूर्व जीवन के अनुभवों व् कर्मो की छाप है--चूँकि पूर्व जन्मों की स्मृतियां याद नहीं रहती इसलिए इनको सीधी नजरों से नहीं पकड़ा जा सकता मगर पास्ट लाइफ थेरपी से न सिर्फ देखा या समझा जा सकता है बल्कि एक कुशल थेरपिस्ट के मार्ग दर्शन से पूर्व जन्मों के दर्द,चोट,विकार के उन थेलो को दूर फेंका भी जा सकता है और इस और इसके बाद आने वाले जीवन को उन दर्दीली स्मृतियों से हमेशा के लिए निजात दिलाई जा सकती है।
संजय सनम
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