व्यक्ति के जीवन में ज्योतिष की भूमिका अगर देखी या समझी जाए तो एक मार्गदर्शक की होती है बशर्ते ज्योतिष शास्त्र की उस गणित को समझने व् उसको सही रूप से व्याखित करने वाला परामर्शक हो--अन्यथा बात बनने की बजाय बिगड़ जाती है और इसका सबसे अधिक दुखद पक्ष यह होता है कि परामर्शक की अज्ञानता का ठीकरा ज्योतिष के उस विज्ञान पर फूटता है जो कभी गलत हो ही नहीं सकता।
इसलिए आपका ज्योतिष परामर्शक अपनी विधा में कुशल,ज्ञानी, अर्थात पारंगत तो होना ही चाहिए बल्कि आध्यात्मिक पक्ष भी उसका प्रभावी होना चाहिए क्योंकि अंतर्ज्ञान आपकी आध्यात्मिक भक्ति की शक्ति से आता है और वाक् सिद्धि की उच्च स्थिति तक भी चला जाता है।
इसलिए बहुत महत्वपूर्ण है कि आप अपने जन्मांग चक्र से वर्तमान व् भविष्य की संभावनाओं को पढ़ने व् जानने तथा उसके अनुरूप चलना चाहते है तो आपका ज्योतिष परामर्शक कैसा है यह जानना सबसे अधिक जरुरी है।
ज्योतिष परामर्शक किसी का भाग्य नहीं बदल सकता पर वो किस वक्त पर कोनसा स्ट्रोक खेलना है यह बता सकता है-आपको कब शांति से,धीरज से चलना है और कब आप क्रीज से बाहर निकल कर भी खेल सकते है यह बता सकता है।
आपका जब समय अनुकूल होता है तब वो वक्त ताबड़ तोड़ बेटिंग अर्थात स्पीड से आगे बढ़ने की आजमाइश कर सकते है और जब समय अनुकूल न हो तब आपको कड़ाई से किसी भी तरह का जोखिम लेने से रोक भी देता है।
यह कहावत सौ टका सही है कि नर का क्या बड़ा--समय बड़ा बलवान।
ज्योतिष परामर्शक समय को आपके जन्मांग चक्र के सितारों से पढता है और अनुकूल प्रतिकूल के तमाम समीकरणों की गणित से जुड़ता है और फिर एक निर्णय पर पहुँच कर मार्गदर्शित करता है।
अगर गणित सटीक, और विवेचन का अंदाज सही तो परिणाम वो ही आना है जो वक्त की किताब में लिखा हुआ था--इसलिए ज्योतिष समय की नब्ज को आपके भाग्य की धमनी से जोड़ती है और सितारों की चाल से उसमे जिंदगी की धड़कन-स्पंदन सब को पढती है और घटनाये भी हु ब हु ही होती है।
इसलिए आपका ज्योतिष परामर्शक अपनी विधा में कुशल,ज्ञानी, अर्थात पारंगत तो होना ही चाहिए बल्कि आध्यात्मिक पक्ष भी उसका प्रभावी होना चाहिए क्योंकि अंतर्ज्ञान आपकी आध्यात्मिक भक्ति की शक्ति से आता है और वाक् सिद्धि की उच्च स्थिति तक भी चला जाता है।
इसलिए बहुत महत्वपूर्ण है कि आप अपने जन्मांग चक्र से वर्तमान व् भविष्य की संभावनाओं को पढ़ने व् जानने तथा उसके अनुरूप चलना चाहते है तो आपका ज्योतिष परामर्शक कैसा है यह जानना सबसे अधिक जरुरी है।
ज्योतिष परामर्शक किसी का भाग्य नहीं बदल सकता पर वो किस वक्त पर कोनसा स्ट्रोक खेलना है यह बता सकता है-आपको कब शांति से,धीरज से चलना है और कब आप क्रीज से बाहर निकल कर भी खेल सकते है यह बता सकता है।
आपका जब समय अनुकूल होता है तब वो वक्त ताबड़ तोड़ बेटिंग अर्थात स्पीड से आगे बढ़ने की आजमाइश कर सकते है और जब समय अनुकूल न हो तब आपको कड़ाई से किसी भी तरह का जोखिम लेने से रोक भी देता है।
यह कहावत सौ टका सही है कि नर का क्या बड़ा--समय बड़ा बलवान।
ज्योतिष परामर्शक समय को आपके जन्मांग चक्र के सितारों से पढता है और अनुकूल प्रतिकूल के तमाम समीकरणों की गणित से जुड़ता है और फिर एक निर्णय पर पहुँच कर मार्गदर्शित करता है।
अगर गणित सटीक, और विवेचन का अंदाज सही तो परिणाम वो ही आना है जो वक्त की किताब में लिखा हुआ था--इसलिए ज्योतिष समय की नब्ज को आपके भाग्य की धमनी से जोड़ती है और सितारों की चाल से उसमे जिंदगी की धड़कन-स्पंदन सब को पढती है और घटनाये भी हु ब हु ही होती है।
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