अशुभ ग्रहों के उपचार में ये गलती न करे।

अशुभ ग्रहों के उपचार में सावधानी।


पहले के आलेख में हमने शुभ ग्रहों के उपचार अर्थात उनको और अधिक पावर देने या शुभ ग्रहों के तत्वों के दान न देने पर प्रकाश डाला था।आज  जन्मांग चक्र के उन ग्रहों की बात करेंगे जो भाव, स्थिति,नक्षत्र से अशुभ होते है और दशा,अंतर,प्रत्यंतर,या सूक्ष्म अंतर में जातक को नेष्ट परिणाम देते है।
कई बार यह देखा जाता है कि जन्मांग चक्र के अशुभ ग्रहों के उपचार में भी ज्योतिष परामर्शक उस ग्रह के स्टोन धारण करवा देते है अर्थात अशुभ ग्रह की शक्ति को औऱ बढ़ाकर उसको औऱ अधिक खतरनाक बना देते है। इसलिए अपने जन्मांग चक्र के अशुभ,बाधक ग्रह के स्टोन पहनने की भूल न कीजिये--नकारात्मक ग्रह को औऱ अधिक शक्ति दे कर अपने जीवन को जटिल मत बनाइये।
दूसरी बात यह भी जरूरी नही कि  लग्न ,राशि के आधार पर शुभ ग्रह कहे जाने वाले ग्रह शुभ ही हो तथा अशुभ ग्रह कहे जाने वाले अशुभ ही हो--क्योकि यह निर्णय अगर ग्रह के भाव मे स्थिति को देख कर ही  हम अंतिम निर्णय कर लेंगे तो हम बहुत बड़ी गलती कर सकते है इसके लिए  अगर हम नक्षत्र पद्धति से कर रहे है तो हमको उस ग्रह के नक्षत्र- उप नक्षत्र के ग्रह की स्थिति व कसपल की गणित में उसकी स्थिति को देखना होगा।
6- 8- 12 वे भाव मे बैठे ग्रह के नक्षत्र,उपनक्षत्र अगर 2- 6- 10- 11 से सम्बन्ध रखते हो तो फिर ये ग्रह सबसे अधिक शुभ फल धन के मामले में देने वाले हो सकते है और ऐसी स्थिति में इनके नक्षत्र,उप नक्षत्र के ग्रह का स्टोन चमत्कारिक रूप से लाभ प्रदान कर सकता है।कुछ इसी प्रकार  ऊपरी तौर पर शुभ दिखने वाले ग्रह का वास्तविक डीएनए अशुभ हो सकता है इसलिए ऊपरी तौर पर शुभ दिखने वाले भी अशुभ प्रभाव देकर हैरान कर सकते है।
अशुभ ग्रह का श्रेष्ठ उपचार उस ग्रह की वस्तुओं का दान व ग्रह शान्ति के संकल्प के साथ किया मंत्र जाप होता है इसलिए अपनी कुंडली के अशुभ ग्रहों के न तो स्टोन धारण करने चाहिए और न ही उन रंगों के कपड़े विशेष रूप से पहनने चाहिए।जैसे शनि ग्रह अगर आपके जन्मांग  के डीएनए में अशुभ है तो फिर शनिवार को काले कपड़े न पहनें व अन्य दिनों में भी काले रंग के परिधान से बचे।
अशुभ ग्रहों के कारक तत्वों के उपहार भी किसी से नही लेने चाहिए- जैसे शनि ग्रह के लिए लोहे की सामग्री,चमड़े की सामग्री,से बने बेल्ट,पर्स इत्यादि नही लेने चाहिए।
शुक्र अशुभ है तो सेंट इत्र का न तो प्रयोग करे व न ही किसी से उपहार के रूप में ले।
ठीक इसी तरह से शुभ ग्रहों के कारक तत्वों के उपहार भी नही देने चाहिए जैसे आपके जन्मांग चक्र में शुक्र  अगर शुभ है तो शुक्र के कारकत्व की कोई वस्तु आप किसी को उपहार में न दे इससे आपके शुक्र की शक्ति व्यय होनी मानी जाती है।
- संजय सनम( ज्योतिष परामर्शक)
संर्पक सूत्र: 72780- 27381
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