जन्म समय शुद्धिकरण जरूरी है

अपनी जन्म कुंडली का जन्म समय सही कीजिए।

हमारे जन्म समय के ग्रह नक्षत्र हमारी जिंदगी की घटनाओं को निर्धारित करते है पर अगर सही जन्म समय पकड़ने में अगर कुछ क्षण की भी भूल रह जाए तब उस वक्त के सब सब लॉर्ड अर्थात उप उप नक्षत्र बदल जाते है और इनके साथ ही जीवन की घटनाएं भी बदल जाती है इसलिए नक्षत्र पद्धति से की गई भविष्यवाणी तब सटीक नहीं बैठती इसकी वजह ज्योतिष पद्धति में त्रुटि नहीं बल्कि जन्म समय सही रूप से अंकित करने में हुई भूल होती है इसलिए अपने जन्म कुंडली का विश्लेषण करवाने से पहले अर्थात अपना भविष्य जानने के लिए सबसे पहले अपने जन्म समय का शुद्धिकरण करवाइए अन्यथा सटीक भविष्य कथन प्राप्त करने से आप वंचित रहेंगे और जिस ज्योतिष विधा से आप मार्गदर्शन प्राप्त करना चाहते है उससे  आपको असमंजस ही मिलेगा क्योंकि आपके जन्म समय में किंचित दोष तमाम भविष्यकथन को बदल देगा।


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वैदिक ज्योतिष में इस सूक्ष्मता को पकड़ने के लिए षोडश कुंडलियों तक जाना पड़ता है और इस प्रक्रिया में अक्सर परामर्शक सेकंड के समय को इतनी गंभीरता से नहीं लेते क्योंकि यहां पर लग्न न बदलने की स्थिति में सब चलता है क्योंकि इस पद्धति में ग्रह जहा जिस भाव में स्थित होते है उसे महत्व दिया जाता है जबकि नक्षत्र ज्योतिष में ग्रहों के भाव से अधिक  उसके नक्षत्र ग्रह की स्थिति को महत्व दिया जाता है ।


नक्षत्र ज्योतिष की प्रणाली में षोडश कुंडलियों की आवश्यकता नहीं होती बल्कि भाव चलित कुंडली व कसपल गणित से सूक्ष्म से सूक्ष्म समय अंतर को किसी भी घटना के लिए पकड़ा जा सकता है पर इसके लिए जन्म समय की सटीकता आवश्यक होती है क्योंकि जातक का जिस वक़्त जन्म हुआ है उस वक्त उसके लग्न से लेकर द्वादश भाव को दर्शाने वाली कसपल इंटरलिंक में उप उप नक्षत्र की भूमिका महत्वपूर्ण होती है क्योंकि किसी भी घटना को स्वीकृति या अस्वीकृति देने का अधिकार इस उप उप नक्षत्र में होता है।


अगर जन्म समय में कुछ सेकंड्स की भूल से हम ज्योतिष गणित करने लग गए तब उप उप नक्षत्र  गलत आ जाएंगे और हम उनके परिणाम को पकड़ेंगे जो कि उस कुंडली के उप उप नक्षत्र है ही नहीं।इसलिए कुंडली किसी भी ज्योतिषी को दिखाने से पहले अपना जन्म समय शुद्ध करवाइए।

नक्षत्र पद्धति के पथिक जन्म समय को सेकंड्स तक शुद्ध कर सकते है क्योंकि यहां भी आपके लग्न के उप उप नक्षत्र से  आपके 9,7,10 वे भाव के उप उप नक्षत्र के साथ विशेष मिलान होता है व सूर्य,चन्द्रमा के उस समय के नक्षत्र,उप नक्षत्र,व उप उप नक्षत्र से मैच किया जाता है इसके अलावा आपके माता,पिता,आपसे बड़े व छोटे भाई बहन के चन्द्रमा के नक्षत्र से या फिर आपकी सबसे पहली संतान के चन्द्रमा के नक्षत्र से  व जीवन की कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं के मिलान से जन्म समय को मिनट सेकंड्स तक शुद्ध किया जा सकता है।


-संजय सनम (संपर्क सूत्र:72780-27381)

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