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क्या आपका जन्म लग्न मेष है@
मेष लग्न विशेष:
मेष लग्न के जातक की सफलता का राज पहचानिए....
-संजय सनम(ज्योतिष परामर्शक
संर्पक सूत्र:72780-27381
मित्रों आज ज्योतिष के इस आलेख में राशि चक्र की पहली राशि अर्थात मेष लग्न की चर्चा करेंगे।
अगर आपके जन्मांग चक्र की शुरुआत 1 से होती है तब आपका लग्न मेष होता है उसके बाद के खानों में क्रमश:2-3-4 से लेकर 12 तक के अंक लिखे होते है।
अगर आपका जन्म लग्न मेष है तो आपकी लग्न राशि अग्नि तत्व की राशि है अर्थात जिसमे अग्नि की प्रधानता है या दूसरे शब्दों में ऊर्जा कुदरत की दी हुई होती है विपरीत प्रभाव अगर पड़े तो इसे अत्यधिक क्रोध,आवेश,हिंसक प्रकृति के रूप में भी प्रभाव पड़ता है। अग्नि तत्व की राशि का होना सकारात्मक रूप से आपके मन व तन में एक तरह से ऊर्जावान भी बनाता है इसका प्रभाव शारीरिक व मानसिक दोनो रूप से पड़ता है आपको कर्मशील बनाता है जहां दूसरे लोग एक निश्चित अवधि में थक जाते है वहां आप ऊर्जावान बने रहकर चलते रह सकते है।यह ऊर्जा आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता व विपरीत परिस्थितियों में आत्म विश्वास बनाये रखने की घोतक भी होती है।
अगर यह अधिक हो अर्थात संतुलित न हो तब इसके नकारात्मक प्रभाव पड़ते है उस वक्त गर्मी से होने वाले शारीरिक रोग होते है..आपके स्वभाव में भी यह अतिरिक्त ऊर्जा अनियंत्रित आवेश के रूप में आकर कोई हिंसक घटना को भी जन्म दे सकती है।आपकी हर्ट बीट तेज चलने की समस्या भी आपको हो सकती है और सामान्य से अधिक फोड़े फुंसियां भी आपको परेशान कर सकती है। अत्यधिक असंतुलित ऊर्जा काम(sex) अतिरेक का कारक बन कर अनुचित राह पर भी ले आती है तथा शुरुआती समय मे इस ऊर्जा का अनुचित प्रवाह बाद के जीवन मे व्यक्ति के लिए दुःखद भी बन जाता है।
शरीर की स्वस्थता व सक्रियता के लिए शरीर मे अग्नि तत्व की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है पर यह प्रवाह भी संतुलित होना चाहिए अन्यथा असंतुलन विपरीत प्रभाव देता है।
मेष राशि चर राशि अर्थात गति करने वाली राशि है इस प्रकार मेष लग्न चर लग्न होता है इस लिहाज से सामान्य रूप से इस लग्न का स्वामी एक जगह स्थिर होकर कार्य नही कर सकता उसको गति करने वाले अर्थात एक स्थान से दूसरे स्थान में आने जाने वाले कार्य ही पसन्द होते है और ग्रह स्थिति में लग्नेश अर्थात लग्न का मालिक भी अगर मेष,कर्क,तुला,मकर राशि मे हो तब फिर व्यक्ति एक जगह टिक नही सकता उसके जीवन मे स्थान,कर्म क्षेत्र के बदलाव घटित होने की संभावनाएं बलवती हो जाती है।आपने देखा होगा कि कई वार कुछ व्यक्ति एक जगह कुछ अवधि तक ही टिकते है और जल्दी जल्दी संस्थान बदलते रहते है या फिर कई व्यक्ति तो व्यापार व अपने रहने का स्थान अर्थात शहर तक भी तेज गति से बदलते देखे जाते है।आपने यह भी देखा होगा कि कुछ लोग जिनकी ग्रह स्थितियां अनुकूल होती है उनके लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण होता है अर्थात निरन्तर उन्नति हर बदलाव के साथ जुड़ी होती है।कुछ लोग ऐसे होते है जो बदलना चाहते है पर ग्रह स्थिति अनुकूल नही होने की वजह से बदल नही पाते और न बदलाव कर पाने की वजह से उनकी उन्नति पर भी ग्रहण लग जाता है।
इसलिए चर लग्न के जातकों के लिए अगर उनके लग्नेश व भाग्येश की अनुमति मिलती हो तो बदलाव जरूरी भी होता है क्योंकि एक जगह अधिक समय तक रहने से वे अनमने हो जाते है तथा कई बार डिप्रेशन तक भी चले जाते है अर्थात उनकी शारीरिक क्षमता से अधिक उनकी मानसिक क्षमता पर कुंठित प्रभाव पड़ता है।ऐसे लोग अगर छोटी दूर की यात्रा अपने कर्म क्षेत्र से करते रहते है तब वे अपने आपको ऊर्जित महसूस भी करते है इसलिए मेष लग्न सहित चर लग्न के जातक अगर उनका चन्द्रमा व लग्न दोनो ही चर राशि मे हो तब उनको एक जगह स्थिर रहने का कार्य फलदायक नहीं होता और न ही वे मन से खुश रह पाते है इसलिए उनको अपने कर्म क्षेत्र में आसपास के स्थानों से आने जाने या बीच बीच मे दूसरे स्थान में रह कर अपने कार्य को करने का अवसर खोजना चाहिए इससे उनके कर्म क्षेत्र में सफलता के आसार त्वरित बढ़ने लगेंगे।
अब अगर आपका लग्न तो चर है पर लग्नेश व चन्द्रमा स्थिर या द्विस्वभाव राशि मे है तब आपके लिए बदलाव आवश्यक नहीं है फिर आप एक जगह रह कर भी काम कर सकते है पर चर लग्न का प्रभाव कभी कभी मन मे ज्वार ला भी सकता है पर आपके लिए प्रगति पथ की रप्तार तेज करने के लिए बदलाव आवश्यक नहीं है।
यहां एक बात और अधिक महत्वपूर्ण है और वे है नक्षत्र अर्थात ग्रह जिस राशि मे बैठे है उससे भी अधिक प्रभाव इस बात पर पड़ता है कि लग्नेश,चन्द्रमा के नक्षत्र किस राशि मे है अगर वे भी चर लग्न है तब जातक के पैरों में अगर बेड़िया भी लगा दी जाए तब भी वो एक स्थान पर अधिक अवधि तक नहीं रह सकता। लग्नेश या चन्द्रमा के नक्षत्र की भूमिका निर्णायक होती है।
अगर ग्रह व चन्द्रमा चर राशि मे है तो पहली नजर में यह सलाह दी जाती है कि आप एक स्थान टिक कर बैठने वाला कार्य न करके मार्केटिंग ,सर्वे,जांच पड़ताल वाला कार्य करे पर उनके नक्षत्र अगर स्थिर राशि मे है तो सबसे अधिक प्रभावी ये ही होंगे अर्थात अब आप एक ही स्थान अर्थात दुकानदारी वाला कार्य भी कर सकते है पर आपका मन बीच बीच मे उचाट होगा कि थोड़ा मार्किट में जा कर माहौल देखा जाए पर नक्षत्र अगर स्थिर राशि मे है तब आप स्थिर व्यवसाय करके भी प्रगति कर सकते है।
अगले आलेख में मेष लग्न से सम्बंधित रोचक जानकारी...
आलेखों की यह श्रृंखला ज्योतिष शास्त्रों के पाठन व उसके पश्चात ज्योतिष कर्मक्षेत्र के अपने अनुभवों के आधार पर लिख रहा हूँ...अगर आप पसन्द करते है तब विभिन्न सन्दर्भो पर ज्ञानवर्धक आलेख आपके लिए क्रमश:लिखे जायेगे।इसलिए आपसे निवेदन है कि अपनी पसंद-नापसन्द को इंगित करने की कृपा अवश्य करे।
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