ग्रहों में युवराज के गुणों को जानिये
ज्योतिष की जब बात आती है तब नव ग्रहों पर नजर जाती है और जब ग्रहों में युवराज की बात आती है तब बुध ग्रह की खबर आती है।
अत्यंत सरल,सौम्य व युवा ग्रह जिसके पिता चंद्रमा माने जाते है के बारे में यह कहा जा सकता है कि अगर बुद्धि,वाक चातुर्य, वाणी की बात हो तब बुध ग्रह के प्रभाव को ही मुख्यतः देखा जाता है।
बुध ग्रह से प्रभावी जातक हमेशा युवा दिखता है और उसका वाक चातुर्य अर्थात तार्किक क्षमता अपने आप मे विशिष्ठ होती है।बुध ग्रह के प्रभावी जातक गणित में विशेष दक्ष होते है और वे चार्टेड अकाउंटेंट या वित्त विभाग में उच्च पदाधिकारी हो सकते है।
बुध ग्रह सामान्य रूप से सूर्य के साथ ही रहता है और 14 डिग्री के आसपास चलने से अक्सर अस्त भी रहता है।बुध ग्रह के विशेष मित्र शनि व शुक्र ग्रह होते है राहु को भी मित्रवत ही कहा गया है । चंद्रमा से उसकी शत्रुता होती है -गुरु,सूर्य मंगल सम होते है।
बुध जिस ग्रहः के साथ बैठता है या जिसके नक्षत्र- उपनक्षत्र में होता है वह प्रभाव विशेष रूप से पड़ता है।बुध शुक्र का संयोग युति जातक को कला, कविता की तरफ ला सकती है तथा यह दशम के साथ जुड़ाव हो जाये तब कविता जीविकोपार्जन का साधन भी हो जाती है इसी तरह तृतीय भाव का संयोग जुड़ जाने से पत्रकारिता व आसपास के क्षेत्रों की यात्रा से लाभ,कमीशन,एजेंसी,दलाली के क्षेत्र में भी जातक को ले आता है।
बुध ग्रह काल पुरुष की कुंडली मे तृतीय व षष्टम अर्थात मिथुन व कन्या राशि का मालिक होता है और गुरु की मीन राशि मे नीचत्व को प्राप्त होता है।बुध ग्रह का रंग हरा व इसके देवता गणपति कहे जाते है तथा ज्योतिष रत्न पन्ना होता है।
बुध ग्रह की शांति के लिए किन्नरों के आशीर्वाद को महत्वपूर्ण कहा गया है।गाय को हरा चारा खिलाना भी बुध के लिए शुभ फल प्रदान करता है।
कलर थेरेपी के रूप में बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए हरे परिधान व प्रयोग करने वाले उत्पाद भी जहां तक संभव हो हरे रंग के रखने की सलाह दी जाती है व हरे रंग का रुमाल पास में रखना भी विशेष असरदायक कहा जाता है।बुध ग्रह की शुक्र के साथ मित्रता होने से हीरा व पन्ना को भी साथ धारण करवाया जा सकता है।


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