रहस्य रोमांच का सच -उसके पलंग को जब आत्माओं ने घेर लिया
इस दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में रहस्य रोमांच भरे पड़े है-कही कुदरत की खूबसूरती रोमांच से भर देती है तो कही विकराल रूप हमे भयभीत करके पसीने से भिगो देता है-बहुत सारी घटनाएं सूक्ष्म जगत की ऊर्जा के इस लोक में दिखने,अनुभव होने से होती है जो हमे सोचने को मजबूर करती है--इस लोक में सिर्फ हम ही नही होते अर्थात हमे दिखने वाले पेड़ पौधे,जीव जंतु,प्राणी व अन्य भौतिक वस्तुएं ही नही होती-बल्कि कुछ ऐसी ऊर्जाएं भी होती है जो जबको नही दिखती पर वो हमारे साथ इस लोक में विचरण करती रहती है।
ये ऊर्जा क्या होती है--अब यह सवाल आपके जेहन में आएगा ही-- आपने आत्माओं के किस्से कही न कही जरूर सुने व पढ़े होंगे--सूक्ष्म जगत की इन ऊर्जाओं को वे व्यक्ति देख सकते है जो मैडिटेशन में पारंगत होते है -जो आध्यात्मिक प्रक्रिया दुआरा अपना आभामंडल विशेष रूप से बना लेते है तब सूक्ष्म जगत की उन ऊर्जा के स्पंदन को वे पकड़ लेते है उन्हें यह तुरंत महसूस हो जाता है कि उनकेआसपास कोई सूक्ष्म ऊर्जा अर्थात आत्मा है और वो ऊर्जा सकारात्मक और नकारात्मक दोनों रूप की हो सकती है।
आत्मा भी भली व बुरी अर्थात पुण्य प्रभाव व पाप प्रभाव वाली होती है जो पुण्य प्रभाव वाली होती है वो आपकीं सहायता कर आपके किसी भी मिशन में आपको सफल कर सकती है पर जो पाप प्रभाव वाली होती है वे आपके लिए बाधक बन कर आपको परेशान कर सकती है। आज के इस आलेख में आपको स्त्री रोग विशेषज्ञा डॉक्टर मंजू चौहान के साथ बहुत दिन पहले लिए एक साक्षात्कार की वीडियो के साथ मिला रहा हूँ जहां सूक्ष्म जगत की ऊर्जा की कई घटनाएं जो उनके साथ जुड़ी हुई है का रहस्य रोमांच से भरा सच आप जान पाएंगे।
डॉ मंजू जी मैडिटेशन,हीलिंग की दुनियां में गहरी उतरी हुई साधक है और इसलिए इस रूप के अनुभव उनके लिए आम घटनाओं की तरह है--आप सुनेंगे इस वीडियो में कि किस तरह मैडिटेशन करते वक्त उनकी आत्मा शरीर से बाहर निकल गई और उसने जो नजारा देखा कि आत्मा विहीन उनके शरीर के चारो तरफ सूक्ष्म आत्माओं ने उनके पलंग को घेर लिया था और उनसे से एक आत्मा ने जब उनके आज्ञा चक्र पर अपना अंगूठा स्पर्श किया तब उन्हें जिस शांति का अनुभव हुआ वो बयान नही किया जा सकता।
एक गरीब महिला की चिकित्सा के वक्त कुछ जटिलताएं सामने आ गयी थी- डॉक्टर मंजू जब अपनी तरफ से सोच विचार कर हार गई तब सूक्ष्म जगत से सहायता लेने के लिए वो ध्यान में बैठी और उनको सूक्ष्म जगत की आत्मा ने चिकित्सा कैसे करनी है उस प्रक्रिया का ज्ञान दिया उसके बाद डॉक्टर मंजू जी ने उसी निर्देश का अनुसरण करते हुए शल्य चिकित्सा शुरू कर दी और वो शत प्रतिशत सफल हो गई--अर्थात उस लोक की आत्माएं हमे मार्गदर्शन भी दे सकती है पर हर कोई न तो उन्हें महसूस कर सकता है न देख सकता है क्योकि उनके स्पंदन को पकड़ने के लिए भी आपका अपना आभामंडल ध्यान की प्रक्रियाओं से कुछ विशेष होना ही चाहिए।
प्रिय पाठक गण
जीवन को उपयोगी बनाने वाले ज्ञान वर्धक जानकारी का यह वीडियो आप पूरा सुनियेगा क्योकि ध्यान साधना की गहराई में उतरी एक डॉक्टर के अपने अनुभवों का यह प्रेरक वीडियो है जो हमे सोचने के लिए बाध्य तो करेगा ही कि क्या ऐसा भी हो सकता है ! आपको आलेख पसंद आये तो इसे पसंद, सांझा व मुझे फॉलो करना न भूले व अपने विचार कमेंट बॉक्स में अवश्य प्रदान करे--- निवेदक :संजय सनम
स्रोत-( मैडिटेशन साधक डॉक्टर मंजू चौहान के साक्षात्कार आधारित आलेख



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