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जन्म चक्र का दशम भाव क्या देता है!

जन्मांग चक्र के दशम भाव से क्या -क्या मिलता है

जन्मांग चक्र में प्रथम अर्थात लग्न से लेकर द्वादश भावों की अपनी उपयोगिता के साथ अपने प्रभाव है और राशि,ग्रह,नक्षत्र, उपनक्षत्र के आधार पर वे जातक को प्रभाव देते है।

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दशम भाव कर्म क्षेत्र अर्थात प्रोफेशन का माना जाता है।यह भाव आपके कर्म क्षेत्र के स्टेटस को भी दिखाता है।इस भाव का अगर षष्ठम भाव के साथ सम्बन्ध बनता है तो नोकरी में पदोन्नति अर्थात प्रमोशन का सूचक भी होता है अगर सातवे भाव के साथ सम्बन्ध होता है तो स्वतंत्र व्यवसाय का सूचक होता है।

यद्दपि यह भाव एकादश से बारहवां होता है फिर भी इसे धन अर्जन के 3 मुख्य भावों में से एक प्रमुख भाव माना जाता है।दशम भाव आपको पद, सम्मान का भी घोतक होता है ।विशेषकर प्रशासनिक अधिकारियों व राजनेताओं के जन्मांग चक्र मे इसका चमत्कार विशेष रूप से देखा जा सकता है।

यह भाव पिता के धन का भाव भी है और उनके स्वास्थ्य के लिए मारक भाव भी होता है।आपके जीवन साथी पत्नी या पति की माता का भाव भी यह माना जाता है तथा इसी भाव से आपके जीवन साथी की शिक्षा का भी पता चलता है।

आपके जन्मांग चक्र की कसपल गणित में दशम कसपल की राशि औऱ उसके नक्षत्र की राशि से यह पता चल सकता है कि अगर आप कोई दुकान ,शो रूम कर रहे है तो आपको ग्राहकों की तादाद कैसे मिलने वाली है।इस लिहाज से दशम भाव व उसका कसपल सब लार्ड व उसका नक्षत्र लार्ड की राशि की प्रमुख भूमिका होती है।

आप अपने क्षेत्र में कितने पॉपुलर होंगे यह दशम भाव की स्थिति व उसके ग्रह नक्षत्र बताते है।आपको मिलने वाले उच्च पद व सम्मान दशम भाव बताता है।इसलिए आपके जन्मांग चक्र में दशम भाव की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योकि यह आपके कर्म क्षेत्र की सफलता- असफलता के साथ आपके जीवन स्तर को भी बताता है तथा समाज या फिर आपके अपने क्षेत्र में आपके नाम की गूंज को भी दर्शाता है।

दशम भाव सत्ता का है और शक्ति का है अर्थात आपके पास कितनी पावर औऱ अधिकार है यह दशम भाव की गणित बताती है।

- संजय सनम( ज्योतिष परामर्शक) PLEASE LIKE,SHARE,FOLLOW....

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