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ग्रहों के उपचार से पहले सावधानी

ज्योतिष ग्रहों के उपचार से पहले सटीक जांच जरूरी है

जिंदगी में सब कुछ खगोलीय ग्रहों के समीकरणों से चलता है और वे ग्रह हमारे पूर्व कर्मो की तलपट के आधार पर फलों की पोटली रखते है अब उसमे फल मीठे भी हो सकते है और कड़वे भी हो सकते है।

यह बात सत्य है कि हम नियति के लेख को नही बदल सकते- जो घटना जैसे होनी है वो वैसे ही होती है पर ग्रहों की शांति से या हमको शुभ फलप्रद ग्रह को औऱ पावर देकर तथा विपरीत ग्रह को दान से या मंत्रों से शांति उपाय करके हम अपनी स्थिति में कुछ परिवर्तन कर सकते है अर्थात यह कर्म विधि हमारे हाथ मे कुछ अंश तक रखती है।

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घटना नही टल सकती पर उस घटना के नकारात्मक प्रभाव कम ज्यादा हम महसूस कर सकते है ।अगर हमने उपयुक्त मंत्र जप किये है या विपरीत ग्रहों का दान किया है तब उस घटना के नकारात्मक प्रभाव को झेलने की शक्ति हमारे अंदर आ जाती है दूसरे शब्दों में आप कह सकते है कि हमारा आत्मविश्वास बढ़ जाता है जिससे नकारात्मक घटना भी उतनी नकारात्मक प्रभाव हम पर नही दे पाती।

ज्योतिष में ग्रहों के कारकत्व को समझना उनकी स्थिति के आधार पर उनको पढ़ कर निर्णय लेना कि कौनसा ग्रह हमारे लिए शुभ है और कौनसा अशुभ! यह सबसे अधिक महत्वपूर्ण है इसके लिए सिर्फ भाव ही नही बल्कि ग्रह के नक्षत्र की गणित को भी समझना आवश्यक होता है क्योकि अक्सर बहुत अच्छी स्थिति भावों के आधार पर ग्रहों की दिखने के बाद भी फल नकारात्मक मिलते है--जो ग्रह कुंडली के केंद्र त्रिकोण में दिखते है वे ग्रह भी जब अपनी दशा में जातक की गाड़ी को पटरी से उतार देते है तब स्थान भाव की गणना से कार्य नही चलता ।

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अगर आप वैदिक पद्धति के पथिक है तब आपको विभिन्न वर्गों में जा कर ग्रहों की वास्तविक स्थिति को पकड़ना जरूरी होता है अगर आप नक्षत्र पद्धति के पथिक है तब आपको ग्रह के नक्षत्र उपनक्षत्र को समझना आवश्यक होता है क्योकि जैसे जिंदगी में अक्सर जो दिखता है वो होता नहीं है कुछ ऐसा ही नियम ज्योतिष के इन ग्रहों में भी है

क्योकि बहुत सारे प्रभाव रहस्यमय रूप से छिपे हुए अचानक मिलते है इसलिए जन्मांग चक्र में कौनसा ग्रह शुभ है,अतीव शुभ है,सामान्य है,नेष्ट है या फिर बहुत अधिक खतरनाक है सबसे पहले यह जांच होनी जरूरी होती है। जैसे शरीर की जांच के बाद डॉक्टर के लिए दवाई लिखना आसान हो जाता है पर जांच रिपोर्ट ही अगर गलत हो तो फिर वो इलाज भी गलत हो जाता है ।

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कुछ इसी प्रकार ग्रहों की जांच रिपोर्ट सही होनी चाहिए तभी उसका इलाज सही हो पायेगा अन्यथा रोग की मात्रा कम करने के बजाय अज्ञानता से साइड इफ़ेक्ट की तकलीफ अतिरिक्त भुगतनी पड़ जाती है।

- संजय सनम( ज्योतिष परामर्शक) PLEASE LIKE,SHARE,FOLLOW...


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