देव दर्शन के बहाने वसुंधरा ने दिया अपने विरोधियों को कड़ा संदेश...


 देव दर्शन के साथ वसुंधरा की ललकार...

फर्स्ट न्यूज : संजय सनम


सोशल मीडिया से आ रही खबरे राजस्थान भाजपा के वर्तमान प्रदेश नेतृत्व को चेताने वाली आ रही लगती है।

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने जन्म दिन से एक दिन पहले देव दर्शन की धार्मिक यात्रा पर उमड़े अपने समर्थको को दिया साफ संदेश....

अब राजस्थान में सक्रिय होगी महारानी...

वसुंधरा राजे ने अपनी माता श्री राजमाता विजयराजे सिंधिया को याद करते हुए देश भक्ति और पार्टी भक्ति को बताकर अपने विरोधी खेमे को अपने परिवार के द्वारा दिए गए योगदान को याद  दिलाया।


अपने दूसरे संदेश में वसुंधरा राजे जी ने गिरिराज भगवान की प्रार्थना में अशोक गहलोत सरकार को उखाड़ने का संकल्प लिया ।वसुंधरा राजे के इस बयान की गंभीरता में यह कहा जा रहा है कि इसका मतलब अपनी पार्टी की कमान भी अपने हाथ में लेने का संकेत दे दिया गया है।


कल 8 मार्च को अपने जन्म दिन पर राजे सुबह आदि बद्री मंदिर की मंगला आरती सहित धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होंगी। दोपहर में रवाना होकर भरतपुर के केदारनाथ मंदिर पहुंचेंगी। जहां पूजा अर्चना करेंगी। केदारनाथ मंदिर में पूजा अर्चना के बाद राजे कल 3:30 बजे हेलिकॉप्टर से धौलपुर के लिए रवाना होंगी।

कहने को  राजे का यह कार्यक्रम  भले ही धार्मिक हो लेकिन पहले ही दिन इसने सियासी रूप ले लिया है। वसुंधरा राजे के समर्थक भाजपा नेता और विधायक भी देव दर्शन अभियान में उनके साथ हैं। दो दिन के देव दर्शन में पहुंचने वाले नेताओं के चेहरों पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। आज और कल राजे से मिलने कितने नेता और विधायक पहुंचते हैं। इस पर भाजपा की अंदरूनी सियासत के नरेटिव पर असर होगा। भाजपा के वर्तमान प्रदेश नेतृत्व की इन पर चौकसी वाली निगाहे होंगी और कोन किसके खेमे में यह अंदर की बात भी तय होगी।

अपनी धार्मिक यात्रा से सियासी दमखम दिखाने में वसुंधरा राजे काफी हद तक सफल कही जा सकती है क्योंकि इस शक्ति प्रदर्शन से अशोक गहलोत से कही अधिक भाजपा के वर्तमान नेतृत्व को सोचना पड़ सकता है।

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